एहसास · सादगी

 Inner Beauty

सादगी

तेरे हुस्न की किताब से दो नग़में क्या पढ़े,
कुछ काफ़िर भी तेरे इश्क़ में आबिद हो गये.

तेरे दिल के पन्नों पर कभी गौर ही नहीं किया,

और खामखा तेरी मोहब्बत के अफ़साने बन गये.

तेरी आँखों के सूरूर के कायल,

पलकों तले छुपे आंसू ना देख पाए.

तेरे होंठों के जाम की हसरत रखने वाले,

इस बेपरवाह हँसी से कभी रूबरू ना हुये.

तेरे जिस्म के कैनवास पर रंग भरने की ख़्वाहिश रखने वाले.

आज भी महरूम हैं तेरे रूह की सादगी से.

~प्रिyaम्vaदा
© ALL COPYRIGHTED RESERVED