एहसास · जन्नत

तेरी बाहों की महफूज जन्नत

जब देखा तुझे पहली बार इन निगाहों ने,

खो गये हम तेरी आँखों में.

दिल तो तेरा भी बेक़रार हुआ हमारी तरह,

ना जाने दिल को सम्भाला तूने किस तरह.

हमने बस मांगा तेरी खुशियाँ खुदा से,

और तेरी खुशियों की चाहत ही शुरू होती थी हमसे.

यूं मेहरबान होगा कभी रब हमपे,

हमने कभी सोचा ना था ये कसम से.

अब तो बस रहना हमें है,

तेरी बाहों की महफूज जन्नत में.

~Priyamvada
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