ज़िन्दगी एक सफर · मौसम

मौसम-पतझड़ और सावन

बड़े मग़रूर और मसरूफ़ कभी वो भी थे
आज जो याद में आंसू बहाया करते हैं|
दर्द में देख भी साथ छोड़ देते थे
आज वो राह में पलकें बिछाया करते हैं|
बड़े मग़रूर और मशहूर कभी वो भी थे||

हार पे हंस जो चुटकी बजाया करते थे
जीत पे तारीफ़ों के पुल बनाया करते हैं|
जो मुलाक़ात का भी ज़िक्र नहीं करते थे
आज वो घर मुझे अपने बुलाया करते हैं|
बडे़ मग़रूर और मशहूर कभी वो भी थे||

कभी बनते जो अनजान रूबरू होकर
आज वो दोस्त मुझे अपना बताया करते हैं|
बात ये वक्त वक्त की है मगर सच्ची है
लोग भी मौसम की तरह बदल जाया करते हैं||
~Priyamvada
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